share market कैसे काम करता है ?
IPO क्या है ?SEBI की भूमिका,और company एक्सचेंज लिस्टिंग |
आगे हम जानेंगे की शेयर मार्किट काम कैसे करता है,शेयर मार्केट एक बहोत बड़ा subject है यह विभिन्न प्रक्रियाएं हैं , विभिन्न कंपनियों को पूंजी की आवश्यकता पड़ती है यह आवश्यकता उस कंपनी के विस्तार , नए उत्पादन ,ऋण मुक्त इत्यादि के लिए हो सकती है जब इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वह कम्पनी public funding करना चाहती है जिसके लिए उन्हें ,
IPO (इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग) या सार्वजनिक प्रस्ताव कहते हैं। जब कंपनी पूंजी जुटाने के लिए पहली बार अपने शेयर जारी करने का प्रस्ताव लाती है तो इन्हे IPO कहा है, इन्हे प्राइमरी स्टेज मार्केट भी कहा जाता है | यह SEBI की निगरानी में किया जाता है | कोई भी कम्पनी अपनी share की price खुद नहीं decide करती वह एक रेंज IPO
SEBI क्या है? SEBI (Securities And Exchange Board Of India) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल, 1992 को हुई थी । सेबी (Securities and Exchange Board of India) अथार्त भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, एक नियामक संस्था (Regulatory Bodies) है, जो प्रतिभूति बाजार (Securities Market) में शेयरों के खरीद-बिक्री को नियंत्रित करता है। सेबी की स्थापना शेयर बाजार की गतिविधयों को निगरानी करने के उद्देश्य से किया गया था।
- शेयर बाजारों और अन्य सुरक्षा एक्सचेंजों को विनियमित करने के लिए।
- शेयर दलालों, उप दलालों, शेयर हस्तांतरण एजेंटों, मर्चेंट बैंकरों, अंडरराइटरों, पोर्टफोलियो प्रबंधकों आदि के काम को नियंत्रित करने के लिए और अपना पंजीकरण करने के लिए भी।
- सुरक्षा आदान-प्रदान से संबंधित कर्मचारियों और व्यक्तियों का मार्गदर्शन करना और सुरक्षा बाजारों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना।
- सुरक्षा बाजारों में भ्रष्टाचार को खत्म करना।
- म्यूचुअल फंड सिक्योरिटीज को पंजीकृत करने और बाजार में उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए।
- नए निवेशकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था करना। (प्रशिक्षण पुस्तिकाओं की छपाई भी)
- इनसाइडर ट्रेडिंग गतिविधियों को खत्म करना।
- सुरक्षा बाजार में व्यापार करने वाले विभिन्न संगठनों के कामकाज की निगरानी करना और व्यवस्थित व्यवहार सुनिश्चित करना।
- उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अनुसंधान और जांच को बढ़ाना।
सेबी की शक्तियां Powers Of SEBI In Hindi
- स्टॉक एक्सचेंजों के कानूनों द्वारा अनुमोदित करना।
- To कानूनों द्वारा संशोधन करने के लिए स्टॉक एक्सचेंज की आवश्यकता।
- अकाउंट बुक का निरीक्षण करना और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों से आवधिक रिटर्न के लिए कॉल करना।
- वित्तीय मध्यस्थों के खातों की पुस्तकों का निरीक्षण करना।
- कुछ कंपनियों को अपने शेयरों को एक या अधिक स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध करना।
- दलालों का पंजीकरण करना
- तो इस तरह एक कम्पनी सेबी के माध्यम से आईपीओ लाने के बाद स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हो जाती है
- stock exchange क्या है ? Stock Exchange वो जगह है जहां सभी कंपनिया लिस्टेड होती है स्टॉक एक्सचेंज किसी कंपनी और निवेशक के बीच में मध्यस्थ (ब्रोकर) का काम करती है जब भी किसी कंपनी को शेयर बाजार से पैसा उठाना होता है तो वह कंपनी अपने आप को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट करवा लेती है जिससे की लोग उस कंपनी में निवेश कर सके। यह निवेशक और कंपनी के शेयर के बिच सामंजस्य बनाए रखने की क़ोशिस करता है यह सुनिश्चित करता है की निवेशक के पैसे के बदले उस कम्पनी के शेयर धारक को मिले |



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